शाम को घर में मेहमान आने वाले हों, ईद की सुबह हो या शादी का कोई फ़ंक्शन, बहुत से घरों में बखूर की धूनी के बिना तैयारी अधूरी लगती है। पर जो पहली बार बखूर लेते हैं, उनका पहला सवाल यही होता है: “इसे जलाते कैसे हैं? अगरबत्ती की तरह आग लगा दें?” नहीं। बखूर खुद नहीं जलता, इसे गरम किया जाता है।
इस guide में हम बता रहे हैं कि bakhoor kaise jalaye, यानी बखूर कैसे जलाएँ, कोयले पर भी और electric burner पर भी, आसान भाषा में।
English में पढ़ें: What Is Bakhoor and How Do You Burn It?
बखूर है क्या
बखूर लकड़ी के छोटे टुकड़े होते हैं, जिन्हें खुशबूदार तेलों, रेज़िन और दूसरी चीज़ों में भिगोकर तैयार किया जाता है। गरम होने पर इनसे गाढ़ा, खुशबूदार धुआँ उठता है जो कमरे और कपड़ों में बस जाता है। बखूर skin पर नहीं लगाया जाता। यह घर, कपड़ों और बालों को खुशबू देने के लिए है। अगरबत्ती और धूप से यह कैसे अलग है, यह हमने बखूर, अगरबत्ती और धूप वाले guide में समझाया है।
क्या-क्या चाहिए
- बखूरदान या मबख़रा: ऊपर कटोरी वाला burner। कोई भी गर्मी सहने वाला धातु या मिट्टी का burner चलेगा।
- गरमी का ज़रिया: जल्दी सुलगने वाली कोयले की गोल टिकिया, या electric बखूर burner।
- चिमटा: गरम कोयला हाथ से कभी न पकड़ें।
- बखूर: एक बार में बहुत थोड़ा चाहिए।
- पानी की कटोरी या थोड़ी रेत: बाद में कोयला बुझाने के लिए, पहले से पास रख लीजिए।
Bakhoor kaise jalaye: कोयले वाला तरीका
- Burner को किसी मज़बूत, सीधी और गर्मी सहने वाली जगह पर रखिए। पर्दे, कागज़ और कपड़ों से दूर। खिड़की थोड़ी खुली हो।
- कोयले की टिकिया को चिमटे से पकड़िए और उसका किनारा माचिस या lighter से जलाइए। लगभग बीस-तीस सेकंड में चिंगारियाँ पूरी टिकिया पर दौड़ने लगती हैं।
- टिकिया को burner की कटोरी में रख दीजिए और कुछ मिनट रुकिए, जब तक वह पूरी तरह सुलगकर ऊपर से हल्की भूरी-सफ़ेद राख से न ढक जाए। जल्दबाज़ी में पहले बखूर रख दिया तो धुआँ कड़वा आ सकता है।
- अब चिमटे से बखूर के दो-तीन छोटे टुकड़े, लगभग नाख़ून के बराबर, कोयले पर रखिए। कुछ ही पल में खुशबूदार धुआँ उठने लगेगा।
- खुशबू हल्की पड़ने लगे तो एक और छोटा टुकड़ा डाल दीजिए। एक साथ ढेर सारा मत डालिए।
Electric burner से बखूर जलाने का तरीका
Electric burner में न आग लगती है, न कोयला। बखूर के टुकड़े गरम plate पर रखिए, switch on कीजिए और कुछ मिनट इंतज़ार कीजिए। धुआँ कोयले से कम और हल्का आता है, और रोज़ घर में इस्तेमाल के लिए यह ज़्यादा आसान है।
कमरा खुशबूदार हो जाए तो switch off करके plug निकाल दीजिए। Plate काफ़ी देर तक गरम रहती है, इसलिए उसे छूने से पहले ठंडा होने दीजिए। दोनों में से कौन सा आपके लिए ठीक है, यह जानने के लिए पढ़िए: electric या charcoal burner।
कितना बखूर और कितनी देर
एक आम कमरे के लिए दो-तीन छोटे टुकड़े और दस-बीस मिनट की धूनी काफ़ी होती है। फिर burner को कमरे से हटा लीजिए और खुशबू को बसने दीजिए। पर्दों, sofa और कालीन में यह खुशबू कई घंटे रहती है। ध्यान रखिए कि कोयले की टिकिया बखूर हटाने के बाद भी लगभग आधा-पौन घंटा सुलगती रहती है, इसलिए उसे बुझाने तक नज़र रखिए।
कपड़ों, बालों और घर को खुशबू कैसे दें
- कपड़े: Kurta, शेरवानी, दुपट्टा या अबाया को burner के ऊपर सुरक्षित दूरी पर पकड़िए, ताकि धुआँ कपड़े के बीच से गुज़रे। कपड़ा कभी कोयले के पास न लाएँ। दूसरा तरीका यह है कि जिस कमरे में बखूर जल चुका हो, वहाँ कपड़े टाँग दीजिए।
- अलमारी: धूनी देने के बाद burner बाहर निकालिए और अलमारी का दरवाज़ा कुछ देर खुला रखिए ताकि बची हुई खुशबू अंदर जाए। जलता हुआ burner अलमारी के अंदर कभी न रखें।
- बाल: पुराना तरीका है कि धुले, सूखे बालों में धुआँ गुज़ारा जाए। Burner को हमेशा दूर रखिए और कोयले के ऊपर कभी न झुकिए। Dupatta और खुले बालों का ख़ास ध्यान रखिए।
- घर: मेहमानों के आने से पहले, या साफ़-सफ़ाई के बाद, burner को कमरे-कमरे में थोड़ी देर घुमाइए और फिर एक जगह रख दीजिए।
सुरक्षा की ज़रूरी बातें
- जलते बखूर या सुलगते कोयले को कभी अकेला न छोड़ें।
- बच्चों और पालतू जानवरों की पहुँच से दूर रखें। Burner का नीचे का हिस्सा भी बहुत गरम हो जाता है।
- हवादार कमरे में ही जलाएँ। छोटे बंद कमरे में, या सोते वक़्त, कोयला न सुलगाएँ।
- घर में जिसे धुएँ से परेशानी होती हो, उसके कमरे में न जलाएँ।
- Burner को पर्दों, कागज़ और हवा में उड़ने वाले कपड़ों से दूर रखें।
बखूर और कोयला कैसे बुझाएँ
- पानी वाला तरीका: चिमटे से सुलगती टिकिया उठाकर पानी की कटोरी में डाल दीजिए। Burner पर ऊपर से पानी मत डालिए, इससे भाप और चिंगारी उछल सकती है और burner चटक भी सकता है।
- रेत या राख वाला तरीका: टिकिया को रेत या राख में अच्छी तरह दबा दीजिए ताकि उसे हवा न मिले। धीरे-धीरे वह बुझ जाएगी।
- राख और burner को पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही फेंकें या साफ़ करें।
- Electric burner हो तो switch off करके plug निकालिए और plate ठंडी होने दीजिए।
हमारे बखूर
हमारा बखूर 250g और 500g के pack में आता है। गहरी, oud वाली खुशबू पसंद हो तो PV Bukhoor Malaki (from ₹249) देखिए। PV Bukhoor Arais (from ₹249) और PV Bukhoor Al Layl (from ₹249) भी रोज़ के लिए अच्छे हैं, और PV Bukhoor Khas (from ₹399) ख़ास मौक़ों के लिए। बखूर को हवा बंद डिब्बे में, ठंडी और अंधेरी जगह रखिए ताकि उसका तेल सूखे नहीं।
यह भी पढ़ें: इत्र क्या है और कैसे बनता है, इत्र लगाने का सही तरीका और असली इत्र की पहचान कैसे करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Bakhoor kaise jalaye, सबसे आसान तरीका क्या है?
कोयले की टिकिया चिमटे से पकड़कर जलाइए, burner में रखकर उसके राख से ढकने तक रुकिए, फिर बखूर के दो-तीन छोटे टुकड़े उस पर रख दीजिए। Electric burner हो तो बस टुकड़े plate पर रखकर switch on कर दीजिए।
बिना कोयले के बखूर कैसे जलाएँ?
Electric बखूर burner सबसे आसान रास्ता है। इसमें आग या कोयले की ज़रूरत नहीं होती। बखूर को सीधे माचिस से जलाने की कोशिश मत कीजिए, वह ठीक से सुलगता नहीं और धुआँ कड़वा हो जाता है।
एक बार में कितना बखूर डालें?
एक कमरे के लिए दो-तीन छोटे टुकड़े, लगभग नाख़ून के बराबर, काफ़ी हैं। खुशबू कम लगे तो एक और टुकड़ा डालिए। ज़्यादा डालने से धुआँ भारी हो जाता है।
बखूर की खुशबू कितनी देर रहती है?
कमरे की हवा में कुछ देर, और पर्दों, कालीन और कपड़ों में कई घंटे। धूनी दिए कपड़े पर साथ में इत्र लगा लें तो खुशबू और देर तक साथ देती है।
क्या बखूर और अगरबत्ती एक ही चीज़ है?
नहीं। अगरबत्ती एक बार जलाने पर खुद धीरे-धीरे जलती रहती है। बखूर खुशबूदार लकड़ी के टुकड़े हैं जिन्हें कोयले या electric burner पर गरम करना पड़ता है। बखूर का धुआँ ज़्यादा गाढ़ा होता है और कपड़ों में ज़्यादा बसता है।