दुकान पर रोज़ कोई न कोई यह सवाल पूछता है: “भाई, इत्र लगाते कैसे हैं?” अगर आप भी सोच रहे हैं कि attar kaise lagaye, यानी इत्र कैसे लगाएँ, तो सवाल सीधा है, पर जवाब में थोड़ी बारीकी है। इत्र spray नहीं है। यह तेल है, और तेल वाली खुशबू का मिज़ाज अलग होता है।
सही जगह पर, सही मात्रा में लगाया जाए तो एक छोटी सी बूँद भी घंटों साथ देती है। गलत तरीके से लगाया जाए तो वही इत्र कपड़े पर दाग़ छोड़ देता है या पास बैठे लोगों को भारी लगता है।
English में पढ़ें: How to Apply Attar
पहले एक बात समझ लीजिए: इत्र तेल है
Perfume spray में alcohol होता है, जो उड़कर खुशबू को चारों तरफ़ फैला देता है। इत्र में alcohol नहीं होता। यह skin पर धीरे-धीरे खुलता है और शरीर के पास रहता है। इसीलिए इत्र को छिड़का नहीं जाता, बल्कि उँगली या bottle की डंडी से हल्का सा लगाया जाता है। दोनों का पूरा फ़र्क़ हमारे attar vs perfume page पर है।
Attar kaise lagaye: इत्र कहाँ लगाएँ
इत्र वहाँ सबसे अच्छा खुलता है जहाँ skin गरम रहती है और नसें ऊपर के करीब होती हैं। इन्हें pulse points कहते हैं।
- कलाई की अंदरूनी तरफ़: सबसे आम जगह। एक बूँद काफ़ी है।
- कान के पीछे: यहाँ से खुशबू धीरे-धीरे उठती है और बात करते वक़्त सामने वाले तक पहुँचती है।
- गर्दन के दोनों तरफ़: शादी या दावत के लिए।
- कोहनी का अंदरूनी हिस्सा: आधी बाँह के कपड़ों में काम की जगह।
नहाने के बाद साफ़, सूखी skin पर लगाना सबसे अच्छा है। अगर आपकी skin बहुत सूखी रहती है तो पहले बिना खुशबू वाली थोड़ी सी cream लगा लीजिए, इत्र उस पर ज़्यादा देर टिकता है।
कलाई आपस में मत रगड़िए
बहुत से लोग इत्र लगाकर दोनों कलाइयाँ ज़ोर से रगड़ते हैं। यह आदत छोड़ दीजिए। रगड़ने से गर्मी पैदा होती है और इत्र की ऊपर वाली हल्की खुशबू जल्दी उड़ जाती है। सही तरीका यह है कि एक कलाई पर बूँद लगाइए और दूसरी कलाई से बस हल्का सा छू दीजिए। बाक़ी काम आपके शरीर की गर्मी खुद कर देगी।
कितना इत्र लगाएँ
लोग अक्सर ज़्यादा लगा देते हैं, क्योंकि उन्हें खुशबू आती नहीं लगती। असल में थोड़ी देर बाद आपकी अपनी नाक उस खुशबू की आदी हो जाती है। आपको महसूस नहीं होती, पर पास वालों को आती रहती है।
- रोज़ के लिए और office में: एक या दो जगह, एक-एक बूँद।
- शादी, दावत या त्योहार पर: तीन जगह तक लगा सकते हैं, पर भारी oud या musk वाला इत्र हो तो हाथ हल्का रखिए।
- बंद जगह में, जैसे car या छोटा cabin: जितना सोचा था उससे आधा।
कपड़ों पर इत्र और फाया
कपड़ों पर इत्र skin से भी ज़्यादा देर रुकता है, क्योंकि कपड़ा न गरम होता है न तेल को सोखकर खत्म करता है। Kurta के collar, आस्तीन के सिरे या रूमाल पर एक बूँद काफ़ी है। बस दो बातें ध्यान रखिए।
पहली, इत्र तेल है, तो silk, हल्के रंग या नाज़ुक कपड़े पर दाग़ पड़ सकता है। पहले किसी अंदर की सिलाई पर थोड़ा सा लगाकर देख लीजिए। दूसरी, जिस कपड़े पर इत्र लगा हो उस पर सीधे iron मत कीजिए।
पुराना और आज भी पसंद किया जाने वाला तरीका है फाया। रुई का छोटा सा टुकड़ा इत्र में भिगोकर कान के पीछे रख लिया जाता है, या जेब में रख लिया जाता है। इससे skin पर सीधा तेल नहीं लगता और खुशबू देर तक आसपास रहती है।
नमाज़ और पूजा से पहले
बहुत से लोग नमाज़ से पहले, ख़ासकर जुमे के दिन, इत्र लगाना पसंद करते हैं। पूजा में भी भगवान को इत्र चढ़ाने और खुद हल्का सा लगाकर बैठने का रिवाज कई घरों में है। ऐसे मौक़ों पर लोग अक्सर alcohol-free इत्र चुनते हैं। Alcohol वाली खुशबू को लेकर उलमा और जानकारों की राय अलग-अलग है, इसलिए इस पर अपने आलिम, पंडित जी या घर के बड़ों से ही पूछिए।
इबादत के वक़्त हल्की और साफ़ खुशबू अच्छी रहती है, ताकि पास खड़े या बैठे लोगों को भारी न लगे। PV Musk Tahara Attar (from ₹149) साफ़, हल्की musk वाली खुशबू है, और फूलों वाली खुशबू पसंद हो तो PV Mogra Attar (from ₹99) देखिए। इस विषय पर हमारा अलग guide भी है: पूजा और नमाज़ के लिए इत्र।
गर्मी और सर्दी में कौन सा इत्र
हमारे यहाँ पुरानी मान्यता है कि कुछ इत्र “ठंडे” होते हैं और कुछ “गरम”। गुलाब, मोगरा, चमेली, केवड़ा और ख़स गर्मियों के इत्र माने जाते हैं। Musk, अंबर, केसर, हिना और शमामा सर्दियों के। यह बात खुशबू के मिज़ाज की है, दवा की नहीं, पर मौसम के हिसाब से चुनने में काम आती है।
Hyderabad की गर्मी में भारी इत्र जल्दी सिर चढ़ जाता है। अप्रैल-मई में PV Ruh Khus Attar (from ₹369) जैसी हरी, मिट्टी जैसी खुशबू या मोगरा अच्छा लगता है, और मात्रा कम रखिए। दिसंबर-जनवरी की ठंड में वही इत्र देर तक चुपचाप साथ देता है, और उस मौसम में PV Hina Attar (from ₹149) या PV Shamama Amber Attar (from ₹149) जैसे गरम इत्र खूब जमते हैं।
इत्र कितनी देर टिकता है
यह इत्र के notes, आपकी skin और मौसम पर निर्भर करता है। Oud, चंदन, musk और अंबर वाले इत्र देर तक रहते हैं, हल्के फूलों वाले जल्दी हल्के पड़ते हैं। Skin पर इत्र आम तौर पर कई घंटे साथ देता है और कपड़ों पर इससे भी ज़्यादा। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए: इत्र कितनी देर टिकता है।
खरीदने से पहले लगाकर देखिए
एक ही इत्र अलग-अलग लोगों पर अलग खुलता है, इसलिए कलाई पर लगाकर कुछ घंटे देखिए। हमारी Mehdipatnam, Tolichowki और Shaikpet वाली दुकानें रोज़ सुबह 11 से रात 11 बजे तक खुली रहती हैं, और आप वहाँ इत्र लगाकर देख सकते हैं। Online लेना हो तो 3ml की छोटी bottle से शुरू कीजिए।
यह भी पढ़ें: इत्र क्या है और कैसे बनता है, असली इत्र की पहचान कैसे करें और बखूर जलाने का तरीका।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Attar kaise lagaye, सबसे आसान तरीका क्या है?
नहाने के बाद साफ़, सूखी skin पर कलाई की अंदरूनी तरफ़ और कान के पीछे एक-एक बूँद लगाइए। कलाई रगड़िए मत, बस हल्का सा छू दीजिए।
Attar kapdon par laga sakte hain?
हाँ, लगा सकते हैं, और कपड़ों पर यह skin से ज़्यादा देर रहता है। बस silk और हल्के रंग के कपड़ों पर पहले अंदर की सिलाई पर test कर लीजिए, क्योंकि तेल का दाग़ पड़ सकता है। इत्र लगे कपड़े पर सीधे iron मत कीजिए। चाहें तो फाया इस्तेमाल कीजिए।
Attar kitni der tak rehta hai?
Oud, चंदन और musk वाले इत्र देर तक चलते हैं, हल्के फूलों वाले जल्दी हल्के पड़ते हैं। थोड़ी देर बाद आपको खुद खुशबू कम आती है, पर इसका मतलब यह नहीं कि इत्र उड़ गया।
Attar ya perfume, kaun sa behtar hai?
कोई एक बेहतर नहीं है, दोनों का काम अलग है। इत्र alcohol-free है, शरीर के पास रहता है और थोड़ा सा ही लगता है। Perfume spray जल्दी फैलता है और ताज़ा लगता है। नमाज़, पूजा या पास बैठकर होने वाली मुलाक़ातों में बहुत से लोग इत्र पसंद करते हैं।
क्या इत्र से skin पर जलन हो सकती है?
किसी भी खुशबू से कुछ लोगों को परेशानी हो सकती है। नया इत्र पहली बार लगाएँ तो कोहनी के अंदर थोड़ा सा लगाकर एक दिन देख लीजिए। लालिमा या खुजली हो तो इस्तेमाल बंद कीजिए और doctor से सलाह लीजिए।